सिरका बेहतरीन सालन (सब्जी)

 इरशाद ए नबवी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, हज़रत ज़ाबिर रज़ि0 रिवायत फरमाते हैं नबी अलै0 ने एक मरतबा अपने घर वालों से सालन का पूछा, उन्होंने कहा हमारे पास सिरका के अलावा कुछ नहीं, आप अलै0 ने इसे तलब किया और फरमाया "सिरका बेहतरीन सालन है" सिरका गन्ने के रस, चुकन्दर जामुन अंगूर मुनक्का खजूर और कई दूसरे फलों से तैयार होता है यह बुनियादी तौर पर किसी भी शक्कर या निशास्ते में खमीर उठाने से तैयार होता है। ज़माना ए कदीम से इसका ज़िक्र किताबों में मौजूद है तारीख के हर दौर में इसे गिज़ा और दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता रहा है सिरका उन चीजों में से है जो ज़मीन में पैदा नहीं होती, इसको मुकतलिफ सूरतों से तैयार किया जाता है और हज़ारों साल गुज़रने के बाद भी सिरका बनाने की तरकीब में कोई खास तबदीली वाके नहीं हुई। अल्लामा अहमद ज़हबी रह0 कहते हैं सिरका गर्मी और ठंडक दोनों की तासीर रखता है लेकिन इसमें ठंडक पैदा करने वाला असर ज़्यादा ग़ालिब है। यह मेदे की सोज़िश को दूर करता है गिज़ा हज़म करने में मददगार है गर्म पानी के साथ इसके ग़रारे दांत दर्द में मुफीद हैं। जिस्म से ज़हरीली अदविया के असर को दूर करता है पित्ते से सुफरा के निकलने की रफ्तार को एतदाल पर लाता है जिस्म के किसी हिस्से में खून का इजमाद हो जाए तो उसे हल करके फिर से सय्याल बना देता है। तिल्ली के बढ़ने से रोकता है जिस्म में वरम की पैदाइश को रोकता है खून को साफ करता है और फोड़े फुंसियों को दूर करता है। बच्चे वाली औरतों का दूध रुक जाय तो सिरके के लेप और सिरका पीने से जारी हो जाता है। यह प्यास बुझाता है और पेट को छोटा करता है। सिरका गर्म करके नमक डालकर पिया जाए तो यह मुंह की गिलाज़त दूर करता है हलक में तलखी जलन गले की रुकावट को दूर करता है। गर्म सिरका मेदे को तकवीयत देता है जिस्मानी कुव्वत में इज़ाफा करता है। बादी गिज़ाओं के साथ सिरका शामिल कर लिया जाए तो आसानी से हज़म हो जाती हैं। अंजीर को दो रोज़ सिरके में डुबोने के बाद खाया जाए तो बढ़ी हुई तिल्ली ठीक हो जाती है। सिरका पीने से शराब या अफीम का नशा उतर जाता है। वैदिक तिब्ब में भी सिरके का ज़िक्र कसरत से मिलता है सिरका भूख बढ़ाता है फेफड़े से निकलने वाला खून सिरका पीने से बंद हो जाता है शहद के साथ सिरका मिलाकर पीने से हैज़ का दर्द दूर हो जाता है। बू अली सीना कहते हैं कलोंजी को तवे पर जलाकर सिरके में हल करके सिर पर बार बार मालिश करने से गिरे हुए बाल फिर से उग आते हैं। इस सबके अलावा सिरका गिज़ा के तौर पर या सुन्नते नबवी के मुताबिक सालन की सूरत में तो मुद्दतों से मुसतअमिल है।

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